अबनाः इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि हमने संवेदनशील परिस्थितियों में सत्ता संभाली किंतु संसद के सहयोग और वरिष्ठ नेता के मार्गदर्शन से गत 20 महीनों के दौरान बहुत सी समस्याओं का समाधान कर दिया।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने संसद और मंत्रिमंडल की पांचवी संयुक्त बैठक में ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य परमाणु वार्ता की ओर संकेत करते हुए कहा कि यदि दूसरा पक्ष, लोभ का शिकार न हो और सहमति के आधार पर आगे बढ़े तब भी इस सहमति के आर्थिक प्रभाव को सामने आने में समय लगेगा किंतु अर्थ व्यवस्था की समस्याओं का बड़ा भाग, अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों के कारण है किंतु दूसरी समस्याएं भी प्रभावी हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि परमाणु वार्ता में दो बड़े क़दम उठाए गये पहला क़दम पिछले साल जेनेवा में होने वाला समझौता था जिसका हमने पालन किया और आईएईए ने भी इसकी पुष्टि की और कई प्रतिबंध खत्म हुए। राष्ट्रपति ने कहा कि दूसरा क़दम लूसान सहमति है जिस के बारे में भी हम पिछला अनुभव दोहरा सकते हैं किंतु यह नहीं हो सकता कि वार्ता का एक ही पक्ष अपने वचनों का पालन करे। राष्ट्रपति ने कहा कि लूसान सहमति के बाद, अंतिम समझौते तक की राह कठिन और जटिल है ।
इस अवसर पर ईरान के संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी ने परमाणु वार्ता में ईरानी वार्ताकारों की सराहना करते हुए कहा कि वार्ता अत्याधिक जटिल थी और उसे आगे बढ़ाने के लिए निश्चित रूप से समय और सूक्ष्मता की आवश्यकता थी।
संसद सभापति ने कहा कि परमाणु वार्ता की एक उपलब्धि, ईरान के विरुद्ध, विश्व के एकमत होने के दावे का झूठ खुलना भी है।
संसद में विपक्षी दल के नेता हद्दाद आदिल ने भी कहा कि हमें परमाणु वार्ताकारों पर भरोसा है किंतु दूसरे पक्ष की धूर्तता की ओर से चिंता है और यह चिंता परमाणु विषय के महत्व के कारण है क्योंकि यह विषय, हमारे समाज को दो धड़ों में बांट सकता है।
13 अप्रैल 2015 - 11:48
समाचार कोड: 683324
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि हमने संवेदनशील परिस्थितियों में सत्ता संभाली किंतु संसद के सहयोग और वरिष्ठ नेता के मार्गदर्शन से गत 20 महीनों के दौरान बहुत सी समस्याओं का समाधान कर दिया।